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गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ सूची गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾
गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का मà¥à¤– है। सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के शरीर में बाहर से दिखने वाली संरचना को योनि दà¥à¤µà¤¾à¤° कहा जाता है। योनि के जितने à¤à¤¾à¤— में पà¥à¤°à¥à¤· का लिंग पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है, उतना à¤à¤¾à¤— योनि है। लिंग से निकलने वाला वीरà¥à¤¯ इस गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है। .
डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जननांग या सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• à¤à¤¾à¤— हैं। महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों ओर डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थियां होती है। यह देखने में बादाम के आकार की लगà¤à¤— ३.५ सेमी लमà¥à¤¬à¥€ और २ सेमी चौड़ी होती है। इसके ऊपर ही डिमà¥à¤¬à¤¨à¤²à¤¿à¤•ाओं कि तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤‚ होती है जो अंडों को अपनी ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करती है। डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थियों का रंग गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ होता है। उमà¥à¤° बढ़ने के साथ-साथ ये हलà¥à¤•े सफेद रंग की हो जाती है। वृदà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यह सिकà¥à¤¡à¤¼à¤•र छोटी हो जाती है। इनका पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारà¥à¤¯ अंडे बनाना तथा उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ दà¥à¤°à¤µ और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ बनाना होता है। डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थियों के मà¥à¤–à¥à¤¯ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ ईसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥ˆà¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ है। माहवारी (मासिक-धरà¥à¤®) सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¥€à¤¤ होने के पूरà¥à¤µ इसका कोई काम नहीं होता है। परनà¥à¤¤à¥ माहवारी के बाद इसमें पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महीने डिमà¥à¤¬ बनते और छोड़े जाते है, जो शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के साथ मिलकर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करते है। .
मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£
मूतà¥à¤° पथ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) à¤à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जनित संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो मूतà¥à¤°à¤ªà¤¥ के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है। जब यह मूतà¥à¤° पथ निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है तो इसे सामानà¥à¤¯ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯à¤¶à¥‹à¤§ (मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का संकà¥à¤°à¤®à¤£) कहा जाता है और जब यह ऊपरी मूतà¥à¤° पथ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है तो इसे वृकà¥à¤•गोणिकाशोध (गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ का संकà¥à¤°à¤®à¤£) कहा जाता है। --> निचले मूतà¥à¤° के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ सहित मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— और बार-बार मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— या मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— की इचà¥à¤›à¤¾ (या दोनो) शामिल हैं जबकि वृकà¥à¤•गोणिकाशोध में निचले यूटीआई के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ बà¥à¤–ार और कमर में तेज दरà¥à¤¦ à¤à¥€ शामिल होते हैं। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— व बहà¥à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ लोगों में लकà¥à¤·à¤£ असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ या गैर विशिषà¥à¤Ÿ हो सकते हैं। दोनो पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारक à¤à¤œà¥‡à¤‚ट à¤à¤¸à¥à¤•ेरीशिया कॉली हैं, हलांकि अनà¥à¤¯ दूसरे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस या फफूंद à¤à¥€ कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° इसके कारण हो सकते हैं। मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं में अधिक आम हैं, आधी महिलाओं को उनके जीवन में कम से कम à¤à¤• बार संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ का बार-बार होना आम बात है। जोखिम कारकों में महिला शरीर रचना विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, शारीरिक संबंध और परिवार का इतिहास शामिल है। यदि वृकà¥à¤•गोणिकाशोध होता है तो इसके बाद मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है जो कि रकà¥à¤¤ जनित संकà¥à¤°à¤®à¤£ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हो सकता है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ यà¥à¤µà¤¾ महिलाओं में निदान का आधार मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं। वे जिनमें असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं, निदान कठिन हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बिना संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤¯à¥‡ à¤à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। जटिल मामलों में या उपचार के विफल होने पर, à¤à¤• मूतà¥à¤° कलà¥à¤šà¤° उपयोगी हो सकता है। नियमित संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले लोगों में, à¤à¤‚टीबायोटिक की हलà¥à¤•ी खà¥à¤°à¤¾à¤• को निवारक उपाय के रूप में उपयोग किया जा सकता है। गैर जटिल मामलों में, à¤à¤‚टीबायोटिक की हलà¥à¤•ी खà¥à¤°à¤¾à¤• से, मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का उपचार आसानी से हो जाता है, हलांकि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उपचार के लिये उपयोग किये जाने वाले कई à¤à¤‚टीबायोटिक के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ बढ़ रहा है। जटिल मामलों में, लंबी अवधि तक या अंतः शिरा à¤à¤‚टीबायोटिक के उपयोग की जरूरत पड़ सकती है और यदि लकà¥à¤·à¤£ दो या तीन दिन में बेहतर नहीं होते हैं तो अतिरिकà¥à¤¤ निदान परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की जरूरत हो सकती है। महिलाओं में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जनित संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के सबसे आम उदाहरण मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 10% महिलाओं में वारà¥à¤·à¤¿à¤• रूप से मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ विकसित होते हैं। .
यौन अंग
यौन अंग, शरीर के वह अंग होते हैं, जो किसी जीव की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤•िया में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ होने के साथ साथ उसके पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° का रचना à¤à¥€ करते हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– यौन अंग हैं: -.
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर
इस बड़े घातक नासूर ने (चितà¥à¤° का निचला à¤à¤¾à¤—) गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को काट दिया है और निचले गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ खंड में घà¥à¤¸ गया है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में ऊपर à¤à¤• गोल आरेखीपेशी-अरà¥à¤¬à¥à¤¦ à¤à¥€ है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯-गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ करà¥à¤•टरोग (कैंसर), गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की घातक रसौली है। यह योनि रकà¥à¤¤-सà¥à¤°à¤¾à¤µ के साथ मौजूद हो सकती है, लेकिन इसके लकà¥à¤·à¤£, कैंसर के उनà¥à¤¨à¤¤ चरण पर होने तक अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। इसके उपचार में शामिल हैं, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण में शलà¥à¤¯-चिकितà¥à¤¸à¤¾ (सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ उचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¤¨ सहित) तथा रसायन-चिकितà¥à¤¸à¤¾ व रोग के उनà¥à¤¨à¤¤ चरणों में विकिरण चिकितà¥à¤¸à¤¾.
संततिनिरोध
जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ को गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नियंतà¥à¤°à¤£ के नाम से à¤à¥€ जाना है ये गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ को रोकने के लिठविधियां या उपकरण हैं। जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ की योजना, पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ और उपयोग को परिवार नियोजन कहा जाता है। सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध, जैसे पà¥à¤°à¥à¤· या महिला निरोध का उपयोग à¤à¥€à¤¯à¥Œà¤¨ संचरित संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ विधियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से किया जा रहा है, लेकिन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके केवल 20 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ में उपलबà¥à¤§ हà¥à¤à¥¤ कà¥à¤› संसà¥à¤•ृतियां जान-बूà¤à¤•र गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का उपयोग सीमित कर देती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे इसे नैतिक या राजनीतिक रूप से अनà¥à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ मानती हैं। जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ विधियां पà¥à¤°à¥‚षों मेंपà¥à¤°à¥‚ष नसबंदी के माधà¥à¤¯à¤® से नसबंदी और महिलाओं में टà¥à¤¯à¥‚बल लिंगेशन, अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ (आईयूडी) और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ योगà¥à¤¯ गरà¥à¤ निरोधकहैं। -->इसे मौखिक गोलियों, पैचों, योनिक रिंग और इंजेकà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ सहित अनेकोंहारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤•ोंदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसे अपनाया जाता है। --> कम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ विधियों में बाधा जैसे कि निरोध, डायाफà¥à¤°à¤¾à¤®à¤”र गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• सà¥à¤ªà¤‚ज और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ जागरूकता विधियां शामिल हैं। --> बहà¥à¤¤ कम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ विधियां सà¥à¤ªà¤°à¥à¤®à¥€à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡à¤”र सà¥à¤–लन से पहले निकासी। --> नसबंदी के अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होने पर à¤à¥€ यह आम तौर पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ नहीं है; बाकी सà¤à¥€ तरीके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जलà¥à¤¦à¥€ से रोका जा सकता हैं। आपातकालीन जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंधों के कà¥à¤› दिन बाद की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से बचा सकता है। नठमामलों में जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ के रूप में यौन संबंध से परहेज लेकिन जब इसे गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ शिकà¥à¤·à¤¾ के बिना दिया जाता है तो यहकेवल-परहेज़ यौन शिकà¥à¤·à¤¾ किशोरियों में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤ बढ़ा सकती है। किशोरोंमें गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खराब नतीजों के खतरे होते हैं। --> वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• यौन शिकà¥à¤·à¤¾ और जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ विधियों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— इस आयॠसमूह में अनचाही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤“ं को कम करता है। जबकि जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ के सà¤à¥€ रूपों यà¥à¤µà¤¾ लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है, दीरà¥à¤˜à¤•ालीन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ जैसे पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£, आईयूडी, या योनि रिंगà¥à¤¸ का किशोर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दरों को कम करने में विशेष रूप से फायदा मिलता हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद, à¤à¤• औरत जो विशेष रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करवा रही है, वह चार से छह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° दोबारा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती है।--> जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ की कà¥à¤› विधियों को जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है, जबकि अनà¥à¤¯ के लिठछह महीनों तक की देरी जरूरी होती है।--> केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥ˆà¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ महिलाओं में ही संयà¥à¤•à¥à¤¤ मौखिक गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤•ों के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद किया जाता हैं।--> वे सहिलाà¤à¤‚ जिनà¥à¤¹à¥‡ रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿ हो गई है, उनà¥à¤¹à¥‡ अंतिम मासिक धरà¥à¤® से लगातार à¤à¤• साल तक जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ विधियां अपनाने की सिफारिश की जाती है। विकासशील देशों में लगà¤à¤— 222 मिलियन महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ हैं जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से बचना चाहती हैं लेकिन आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ विधि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नहीं कर रही हैं। विकासशील देशों में गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से मातृतà¥à¤µ मृतà¥à¤¯à¥ में 40% (2008 में लगà¤à¤— 270,000 लोगों को मौत से बचाया गया) की कमी आयी है और यदि गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ की मांग को पूरा किया जाठतो 70% तक मौतों को रोका जा सकता है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के बीच लमà¥à¤¬à¥€ अवधि से जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• महिलाओं के पà¥à¤°à¤¸à¤µ के परिणामों और उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ उतà¥à¤¤à¤°à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करेगा। जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उपयोग से विकासशील देशों में महिलाओं की आय, संपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, वजन और उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सà¥à¤•ूली शिकà¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¤à¥€ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा। कम आशà¥à¤°à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, कारà¥à¤¯ में महिलाओं की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤—ीदारी और दà¥à¤°à¥à¤²à¤ संसाधनों की कम खपत के कारण जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास को बढ़ाता है। .
सूजाक
सूजाक à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• यौन रोग (यौन संचारित बीमारी (à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€)) है। सूजाक नीसेरिया गानोरिआ नामक जीवाणॠसे होता है जो महिला तथा पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ मारà¥à¤— के गरà¥à¤® तथा गीले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आसानी और बड़ी तेजी से बढ़ती है। इसके जीवाणॠमà¥à¤‚ह, गला, आंख तथा गà¥à¤¦à¤¾ में à¤à¥€ बढ़ते हैं। उपदंश की तरह यह à¤à¥€ à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है अतः उनà¥à¤¹à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को होता है जो इस रोग से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से यौन संपरà¥à¤• करते हैं। सूजाक रोग में चूà¤à¤•ि लिंगेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯ के अंदर घाव हो जाता है और इससे पस निकलता है अतः इसे हिंदी में 'पूयमेह ', औपसरà¥à¤—िक पूयमेह और ' परमा ' कहते हैं और अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में गोनोरिया (gonorrhoea) कहते हैं.
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जननांग है। यह 7.5 सेमी लमà¥à¤¬à¥€, 5 सेमी चौड़ी तथा इसकी दीवार 2.5 सेमी मोटी होती है। इसका वजन लगà¤à¤— 35 गà¥à¤°à¤¾à¤® तथा इसकी आकृति नाशपाती के आकार के जैसी होती है। जिसका चौड़ा à¤à¤¾à¤— ऊपर फंडस तथा पतला à¤à¤¾à¤— नीचे इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ कहलाता है। महिलाओं में यह मूतà¥à¤° की थैली और मलाशय के बीच में होती है तथा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¥à¤•ाव आगे की ओर होने पर उसे à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ कहते है अथवा पीछे की तरफ होने पर रीटà¥à¤°à¥‹à¤µà¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ कहते है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥à¤•ाव से बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का ऊपरी चौड़ा à¤à¤¾à¤— बाडी तथा निचला à¤à¤¾à¤— तंग à¤à¤¾à¤— गरà¥à¤¦à¤¨ या इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ कहलाता है। इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ नीचे योनि में जाकर खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है। इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को औस कहते है। यह 1.5 से 2.5 सेमी बड़ा तथा ठोस मांसपेशियों से बना होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के विकास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बढ़कर सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की पसलियों तक पहà¥à¤‚च जाता है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवारे पतली हो जाती है। .
गà¥à¤°à¥ˆà¤µ अपकशेरà¥à¤•ता
गà¥à¤°à¥ˆà¤µ अपकशेरà¥à¤•ता (सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¤¾à¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ या सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (गरà¥à¤¦à¤¨) के आसपास के मेरà¥à¤¦à¤‚ड की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की असामानà¥à¤¯ बढ़ोतरी और सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬ के बीच के कà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ (इसे इंटरवरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² डिसà¥à¤• के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है) में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का डी-जेनरेशन, बहिःकà¥à¤·à¥‡à¤ªà¤£ और अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से सरकने की वजह से होता है। लगातार लंबे समय तक कंपà¥à¤¯à¥‚टर या लैपटॉप पर बैठे रहना, बेसिक या मोबाइल फोन पर गरà¥à¤¦à¤¨ à¤à¥à¤•ाकर देर तक बात करना और फासà¥à¤Ÿ-फूडà¥à¤¸ व जंक-फूडà¥à¤¸ का सेवन, इस मरà¥à¤œ के होने के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हैं।। याहू जागरण।।१८ फरवरी, २००८। डॉ॰ पंकज à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€, होलिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फिजीशियन पà¥à¤°à¥Œà¤¢à¤¼ और वृदà¥à¤§à¥‹à¤‚ में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल मेरà¥à¤¦à¤‚ड में डी-जेनरेटिव बदलाव साधारण कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ इसके कोई लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नहीं उà¤à¤°à¤¤à¥‡à¥¤ वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬ के बीच के कà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ के डी-जेनरेशन से नस पर दबाव पड़ता है और इससे सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल सà¥à¤ªà¤¾à¥…नà¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ ५वीं और ६ठी (सी५/सी६), ६ठी और à¥à¤µà¥€à¤‚ (सी६/सीà¥) और ४थी और ५वीं (सी४/सी५) के बीच डिसà¥à¤• का सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। .
ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨
ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ (जिसे पाइटोसिन, सिनà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤¨à¥‰à¤¨ के रूप में बेचा जाता है), à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¯à¥€ संबंधी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संबंधी पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤¿à¤¤à¥à¤° का कारà¥à¤¯ करता है। अलà¥à¤«à¤¾-हाइफोफाइमिन (α-hypophamine) के रूप में à¤à¥€ जाना जाने वाला ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ को जैव रासायनिक रूप से विनà¥à¤¸à¥‡à¤‚ट डू विगà¥à¤¨à¥‡à¤‘ड à¤à¤Ÿ à¤à¤² दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 1953 में सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® अनà¥à¤•à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ और संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ किये जाने का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ में अपनी à¤à¥‚मिकाओं के लिठसरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ रूप से जाना जाता है: 1) यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ काल के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और योनी के फैलाव और 2) सà¥à¤¤à¤¨à¤¾à¤—à¥à¤° (निपल) की उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ के बाद पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है, जिससे कà¥à¤°à¤®à¤¶: पà¥à¤°à¤¸à¤µ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सहज होता है। हाल के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ ने कामोनà¥à¤®à¤¾à¤¦, सामाजिक मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾, यà¥à¤—à¥à¤® संयोजन, चिंता, विशà¥à¤µà¤¾à¤¸, पà¥à¤°à¥‡à¤® और मातृ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ सहित विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ की à¤à¥‚मिका की जांच आरंठकी है। .
कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोगी में कà¥à¤²à¥‡à¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤² सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£) पà¥à¤°à¥à¤· रोगी में शà¥à¤µà¥‡à¤¤, बादली जल सà¥à¤°à¤¾à¤µ, शिशà¥à¤¨ के मà¥à¤– पर कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ यौन संचारित रोग (à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€) है जो कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ टà¥à¤°à¤¾à¤•ोमोटिस जीवाणॠसे होता है और यह महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाता है। कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ योनिक, गà¥à¤¦à¤¾ मैथà¥à¤¨ या मà¥à¤– मैथà¥à¤¨ से संचारित हो सकता है। कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मां से उसके बचà¥à¤šà¥‡ में योनि से जनà¥à¤® लेते समय लग सकता है। यौनिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है। .
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